नमस्ते दोस्तों, "उद्यमी मित्र" आपका हार्दिक स्वागत करता है| यहाँ पर आप उद्यमों, केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, टेक्नोलॉजी का उपयोग करना व ऑफिस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना सिख सकते है । आपका समय महत्वपूर्ण है, इसलिए आज के Topic पालनहार योजना राजस्थान के बारे में बात करते है|
पालनहार योजना क्या है ?
पालनहार योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था किसी संस्था द्वारा नहीं की जाकर समाज के भीतर ही उन बच्चों के निकटतम रिश्तेदार/परिचित व्यक्ति के परिवार में करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पालनहार बनाकर राज्य की ओर से पारिवारिक माहौल में शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है|
लाभार्थी /पात्रता
· अनाथ बच्चे
· या आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे
· या पेंशन की पात्र विधवा माता की संतान
· या नाता जाने वाली माता की संतान
· या पुनर्विवाह विधवा माता की संतान
· या विकलांग माता/पिता की संतान
· या तलाक शुदा/परित्यक्ता महिला की संतान
· पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
· अनाथ बच्चों को 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी केन्द्र पर तथा 6 वर्ष की आयु में स्कूल भेजना अनिवार्य है।
इच्छुक पालन करने वाला व्यक्ति आवेदन कर सकता है|
पालनहार योजना के लिए आवश्यक/ संलग्न दस्तावेज
· माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र या न्यायालय द्वारा सजा का या तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला का प्रमाण पत्र
· 18 वर्ष से कम होने का प्रमाण पत्र
· राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र
· आय प्रमाण पत्र
· जन आधार कार्ड
आवेदन कहाँ करें/ कैसे करें
ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें
या Digital Pradhan E-mitra & CSC के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें
पालनहार योजना के लाभ / सुविधाएं/ आवेदन क्यों करें
· प्रत्येक अनाथ बच्चे हेतु पालनहार परिवार को 5 वर्ष की आयु तक के बच्चे हेतु 500 रुपये प्रतिमाह की दर से
· स्कूल में प्रवेश होने के बाद 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक 1000 रुपये प्रति माह की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
· इसके अतिरिक्त वस्त्र, जूते, स्वेटर एवं अन्य आवश्यक कार्य हेतु 2000 रुपये प्रति वर्ष (विधवा एवं नाता की श्रेणी को छोड़कर) प्रति अनाथ की दर से वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है।
सारांश
FAQ
Official URL - http://sje.rajasthan.gov.in
Important PDF

