परिचय-
जन्म - मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अनुसार जन्म और मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन कराना कानून अनिवार्य किया गया है। जन्म होना पर उस परिवार के मुखिया को 15 दिनों के अंदर ग्राम पंचायत या नगरपालिका में इसकी सुचना देनी होती है ।
जन्म प्रमाण पत्र क्या है -
जन्म प्रमाण पत्र किसी भी बच्चे की इस संसार में आने के बाद पहली पहचान होती है । जन्म प्रमाण पत्र बनने के बाद ही उसी के आधार पर परिवार के अन्य दस्तावेजों में उसका नाम जुड़वाया जा सकता है।आंगनबाड़ी व विद्यालय में प्रवेश के लिए जन्म तिथि निर्धारण का यह एक वैद्य दस्तावेज है।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए कौन आवेदन कर सकता है -
जिस परिवार में बच्चे का जन्म हुआ है, उस परिवार का मुखिया बच्चे के जन्म प्रमाण के लिए आवेदन कर सकता है
आवश्यक दस्तावेज
- जन आधार कार्ड
- मुखिया का आधार कार्ड
- शपथ पत्र (यदि जन्म अस्पताल में नहीं हुआ है)
- आवेदन पत्र
जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कहाँ करें -
- नजदीकी ई-मित्र से
- E-mitra on WhatsApp की सुविधा से Digital Pradhan E-mitra & CSC के माध्यम से ।
जन्म प्रमाण पत्र के लाभ या आवेदन क्यों करें -
- जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में
- आँगनबाड़ी में प्रवेश हेतु
- विद्यालय में प्रवेश हेतु
- जन आधार में नाम जुड़वाने हेतु
सारांश
जन्म का पंजीयन करवाना कानूनी रूप से अनिवार्य है। साथ ही यह संसार में आने के बाद बच्चे को पहली पहचान देता है, इसलिए जन्म तिथि के दस्तावेज के रुप में जन्म प्रमाण पत्र एक वैद्य दस्तावेज है। इसके लिए परिवार का मुखिया अपने आधार कार्ड की कॉपी व शपथ पत्र के साथ पहचान पॉर्टल पर आवेदन कर सकता है या घर बैठे किसी भी समय Digital Pradhan e-mitra & CSC से आवेदन कर सकता है।
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