परिचय-
जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अनुसार जन्म व मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्यों द्वारा 15 दिनों के अंदर ग्राम पंचायत या नगरपालिका में देना अनिवार्य है।
मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है-
यह बात का प्रमाण है, कि इस व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नाम का दुरुपयोग रोकने व सम्पति के बँटवारे के लिए इस प्रमाण पत्र का उपयोग किया जाता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कौन कर सकता है-
- परिवार का कोई भी सदस्य
- मृत व्यक्ति का वारिस
आवश्यक या संलग्न दस्तावेज
- जन आधार कार्ड
- मृत व्यक्ति का आधार कार्ड
- आवेदन कर्ता का आधार कार्ड
- शपथ पत्र( यदि मृत्यु घर पर हुई हो )
आवेदन कहाँ करें-
नजदीकी ई-मित्र पर
E-mitra on WhatsApp की सुविधा से Digital Pradhan E-mita & CSC के माध्यम से
मृत्यु प्रमाण पत्र के लाभ-
- सजरा बनवाने के लिए
- सम्पति के बटवारे के लिए
- जन आधार कार्ड से नाम हटवाने के लिए
- पेंशन या अन्य सुविधाओं से नाम हटवाने के लिए
सारांश
जन्म - मृत्यु का पंजीयन करवाना कानूनी रूप से अनिवार्य है। मृत्यु के बाद उस व्यक्ति के नाम का दुरूपयोग रोकने व संपत्ति के बटवारे के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक है। इसके लिए परिवार का कोई भी सदस्य घर बैठे E-mitra on WhatsApp की सुविधा से Digital Pradhan E-mita & CSC के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
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