परिचय-
राजस्थान में विवाह पंजीयन अधिनियम के अनुसार विवाह का पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके लिए वर, वधु या उनके माता-पिता को 30 दिनों के अंदर विवाह पंजीयन के लिए कराना आवश्यक है।
विवाह प्रमाण पत्र क्या है-
राजस्थान राज्य में निवासी भारत के दो नागरिकों के मध्य उन्हें संस्था यह मान्यता देने के लिए प्रमाण पत्र है कि इन दोनों का विवाह हो गया है और ये अब समाज में पति - पत्नी के रूप में रह सकते है।
विवाह प्रमाण पत्र का आवेदन कौन कर सकता है-
- स्वयं वर
- स्वयं वधु
- या वर-वधू के माता-पिता
विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक या संलग्न दस्तावेज-
- आधार कार्ड(वर व वधू दोनों के)
- आधार कार्ड(दो गवाहों के)
- शपथ पत्र
- शादी का कार्ड
- आधार कार्ड(वर व वधू दोनों के)
- आधार कार्ड(दो गवाहों के)
- शपथ पत्र
- शादी का कार्ड
विवाह प्रमाण पत्र का आवेदन कहाँ करें-
- नजदीकी ई-मित्र पर
- E-mitra on WhatsApp के माध्यम से Digital Pradhan E-mitra & CSC से
विवाह प्रमाण पत्र के लाभ / आवेदन क्यों करें
- राशन कार्ड में नाम जुड़वाने हेतु
- जन-आधार कार्ड में नाम जुड़वाने हेतु
- आधार कार्ड मे पता संशोधन कराने हेतु
- यदि अन्य राज्य में विवाह हुआ है तो राजस्थान का मूल निवास बनवाने हेतु
सारांश
विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। साथ ही राजस्थान विवाह पंजीयन अधिनियम के तहत विवाह का पंजीयन करवाना आवश्यक है। वर, वधू या उनका तरफ से माता-पिता आवेदन कर सकते है आवश्यक दस्तावेजों के साथ आप अपने घर बैठे ही E-mitra on WhatsApp का सेवा से Digital Pradhan E-mitra & CSC से आवेदन कर सकते है तथा अपने जीवन साथी को अपनी पहचान दे सकते है।
