चिरंजीवी योजना का परिचय -
राजस्थान सरकार के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को कम करना है | जब परिवार का कोई सदस्य बीमार हो जाता है, तो परिवार का या बीमार व्यक्ति का स्वास्थ्य बीमा नहीं होने के कारण उसके बीमारी के इलाज में जो धन खर्च होता है उससे परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है तथा परिवार के दूसरे लोगों की शिक्षा और सुविधाओं में कमी करनी पड़ती है।
यदि बीमार पड़ने वाला व्यक्ति परिवार का कमाने वाला व्यक्ति हो तो कई बार परिवार गरीबी के कुचक्र में फँस जाता है, और कभी बाहर नहीं निकल पाता है।
चिरंजीवी योजना क्या है ?
यह राजस्थान सरकार के द्वारा चलायी जाने वाली योजना है, इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के सभी परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है।
इस योजना में पात्र परिवारों को दो श्रेणियों में विभक्त किया गया है।
1. निशुल्क लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी
इस श्रेणी के पात्र परिवारों के प्रीमियम का 100 प्रतिशत भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है
2. रू 850/-प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी
इस श्रेणी के पात्र परिवारों को निर्धारित प्रीमियम का 50 प्रतिशत अर्थात् रू 850 प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर योजना का लाभ ले सकते है। प्रीमियम का शेष 50 प्रतिशत भाग सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
लाभार्थी /पात्रता कौन है ?
निशुल्क लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी का पात्रता
- राजस्थान के मूल निवासी
- खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अर्न्तगत पात्र परिवार
- सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार
- लघु एवं सीमान्त कृषक परिवार
850/-प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी-
- राजस्थान के मूल निवासी हो।
- निशुल्क लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी के अतिरिक्त
योजना के लिए आवश्यक/ संलग्न दस्तावेज क्या-क्या है ?
1. जन आधार कार्ड/ जन आधार कार्ड की पंजीयन रसीद का नम्बर
2. आधार कार्ड
आवेदन कहाँ करें/ कैसे करें
- ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें
- Digital Pradhan E-mitra & CSC के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें
चिरंजीवी योजना के लाभ / सुविधाएं/ आवेदन क्यों करें
योजनार्न्तगत लाभ लेने की प्रक्रिया
- पात्र परिवार की पहचान
- लाभार्थी की पहचान
- योजना में उपलब्ध पैकेज के अनुसार मरीज का इलाज प्रारंभ करना
विशेष प्रावधान
- आधार कार्ड के विवरण में नाम सम्मिलित नहीं होते हुए भी उस परिवार के एक वर्ष तक आयु के बच्चे को योजना के अन्तर्गत इलाज देने का प्रावधान रखा गया है। जन-आधार कार्ड में दर्ज परिवार के किसी भी उपलब्ध सदस्य के नाम से बच्चे की टीआईडी जनरेट कर इलाज दिया जा सकता है।
- एक वर्ष से अधिक उम्र के बालक का नाम यदि जन-आधार कार्ड में नहीं है तो योजनान्तर्गत उस बालक का इलाज किया जाना सम्भव नहीं है। बालक का नाम जन-आधार में किसी भी ई-मित्र केन्द्र पर जन्म के दस्तावेज प्रस्तुत कर जुडवाया जा सकता है |
- पांच वर्ष तक की आयु के बच्चे के इलाज के लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन एवं फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। परिवार पहचान पत्र में जुडे परिवार के किसी अन्य सदस्य के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन द्वारा बच्चे की टीआईडी जनरेट की जा सकती है।
सारांश
पैकेज का विवरण
https://chiranjeevi.rajasthan.gov.in/#/scheme-package
FAQ
सामान्य प्रश्न
https://chiranjeevi.rajasthan.gov.in/#/faq
Official URL -
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