यह योजना किसानों के लिए है ,
योजना के तहत अधिकतम ₹50000 का लाभ देय
-स्रोत: सरकारी योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) जैविक खाद के उत्पादन हेतु वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना की जाती है। वर्मी कंपोस्ट की स्थापना हेतु सरकार द्वारा अधिकतम ₹50000 का अनुदान दिया जाता है।
योजना क्या है?
वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापना योजना में दो प्रकार से वर्मी कंपोस्ट खाद के उत्पादन पर अनुदान दिया जाता है।
30फीट ⤬ 8फिट ⤬ 2.5फिट आकार के पक्के निर्माण के साथ वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापना पर अनुदान देय।
इसमें 60 किलोग्राम केचुए खाद की आवश्यकता होती है।
12फीट ⤬ 4फीट ⤬ 2फीट आकार के HDPE वर्मी बेड की स्थापना हेतु अनुदान देय
इसमें 10 किलोग्राम केचुए खाद की आवश्यकता होती है।
पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
किसान
कृषक के पास भूमि होना आवश्यक है।
संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
जन आधार कार्ड
आधार कार्ड
जमाबंदी की प्रति
बैंक पासबुक की प्रति
आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
नजदीकी ईमित्र से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें
योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
30फीट ⤬ 8फिट ⤬ 2.5फिट आकार के पक्के निर्माण के साथ वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापना हेतु लागत का 50% या अधिकतम ₹50000 प्रति इकाई अनुदान देय।
12फीट ⤬ 4फीट ⤬ 2फीट आकार के HDPE वर्मी बेड की स्थापना हेतु लागत का 50% या अधिकतम ₹8000 प्रति इकाई का अनुदान देय।
सारांश
किसान पशुओं का मल - मूत्र एवं सड़े - गले पदार्थों को एक जगह इकट्ठा कर देता है और बाद में वह खाद में बदल जाता है। इस प्रक्रिया में धूप की कमी एवं अत्यधिक दबाव के कारण केंचुए पनप नहीं पाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार किसानों को वैज्ञानिक तरीके से वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापित करके जैविक खाद को तैयार करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए सरकार किसानों को लागत का 50% तक अनुदान उपलब्ध कराती है।
यदि आपके परिचित में या आप कृषक है और अपने खेत पर वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना करना चाहते हैं , तो आप जमाबंदी की प्रति के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) से घर बैठे आवेदन करा सकते हैं।
