यह योजना किसानों के लिए है ,
योजना के तहत कुल लागत का अधिकतम 50% का अनुदान देय-
-स्रोत: सरकारी योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) एंटी बर्ड नेट एक ऐसा जाल होता हैं,जो फसलों में पक्षियों से होने वाले नुकसान से बचाता है। इस जाल से फलों वाले पौधों को ढक दिया जाता है, जिससे पक्षी जाल पर ही रह जाए उनकी पहुंच पौधों तक ना हो सके।
योजना क्या है?
उद्यानिकी फसलों में पक्षियों के नुकसान को कम करके उत्पादकता बढ़ाई जाने हेतु एंटी बर्ड नेट का प्रयोग किया जाता है। सरकार द्वारा बागवानी फसलों में एंटी बर्ड नेट के प्रयोग हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए लागत का 50% अनुदान देय
पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
किसान
किसान समूह
संस्था
संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
भू स्वामित्व प्रमाण पत्र
नक्शा ट्रेस
मिट्टी व पानी की जांच रिपोर्ट
लघु एवं सीमांत, एससी, एसटी कृषक का प्रमाण पत्र
एंटी बर्ड नेट की लागत एम्पेनल फर्म का बिल
आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
राज किसान पॉर्टल से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें
योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
किसान द्वारा बागवानी फसलों में एंटी बर्ड नेट का प्रयोग करने पर अनुमानित लागत ₹35 प्रति वर्ग मीटर का अधिकतम 50% अनुदान दे हैं।
एक कृषक अधिकतम 5000 वर्ग मीटर तक अनुदान प्राप्त कर सकता है।
सारांश
बागवानी फसलों में पक्षियों द्वारा नुकसान कच्चे फलों में चोंच मारने से होता है। इसके कारण फल में दाग लग जाता है तथा फसल ठीक तरह से पक नहीं पाती है। इससे उसकी बाजार में कीमत गिर जाती है, इस समस्या से बचने के लिए एंटी बर्ड नेट का प्रयोग किया जाता है।
यदि आपके परिचित में या आप एक कृषक है और अपने खेत पर प्लास्टिक टनल बनवाना चाहते हैं, तो आप जमाबंदी के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) से घर बैठे आवेदन करवा सकते हैं।
