यह योजना किसानों के लिए है ,
योजना के तहत अधिकतम ₹90000 का लाभ देय
-स्रोत: सरकारी योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जल हौज निर्माण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम जल से अधिक क्षेत्र सिंचित करने वाली तकनीक जैसे फव्वारा, ड्रिप सिंचाई पद्धति आदि को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के अधिकांश जिलों का भौम जल 400 से 500 फीट तक जा चुका है । जिससे जल निकालने वाले पंप से जब ड्रिप या फव्वारा सिस्टम को जोड़ा जाता है, तो इसके अतिरिक्त दबाव की आवश्यकता होती है। लाइन में दबाव कम होने के कारण सिंचित क्षेत्र कम होता है तथा समय भी अधिक लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए जल हौजों का निर्माण किया जाता है तथा सरकार द्वारा उन हौजो कि निर्माण हेतु 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।
योजना क्या है?
राजस्थान में भौम जल का स्तर 500 फीट तक नीचे चले जाने के कारण पानी को निकालने के लिए उच्च क्षमता वाले पंपसेट की आवश्यकता होती है, यदि इन पंपसेट से सीधे ही फव्वारा या ड्रीप सिस्टम से सिंचाई की जाती है, तो अतिरिक्त दाब की आवश्यकता होती है। इस समस्या से बचने के लिए जल हौज का निर्माण किया जाता है फिर इससे सिंचाई की जाती है।
जल हौज के निर्माण पर सरकार द्वारा अधिकतम ₹90000 तक का अनुदान दिया जाता है।
पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
किसान
कृषक के पास न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर का स्वामित्व हो
कृषि के पास स्वयं का कुआं अथवा नलकूप को उस पर बिजली या डीजल चलित पंप सेट
फव्वारा या ड्रिप सिस्टम की स्थापना
संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
आधार कार्ड की प्रति
जमाबंदी की प्रति
बैंक पासबुक की प्रति
पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
नजदीकी ईमित्र से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ईमित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें
योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
कृषक को कुल लागत का 50% या ₹350 प्रति घन मीटर क्षमता के अनुसार अधिकतम ₹75000 का अनुदान देय
अतिरिक्त 10% टॉप अप राशि का अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा
इस प्रकार कृषक कुल को लागत का 60% या अधिकतम ₹90000 का अनुदान देय होगा ।
सारांश
हौज निर्माण कार्यक्रम का उद्देश्य डीजल व विद्युत की बचत करना है तथा इससे किसानों के सिंचाई करने में लगने वाले समय एवं धन दोनों की बचत होती है। इससे किसानों को रात रात भर जाग कर खेत में पानी देने की आवश्यकता नहीं हैं। इसकी सहायता से किसान पानी के स्रोत से बिना प्रेशर कम हुए दूर तक पानी ले जा सकता है। जल हौज निर्माण के लिए सरकार द्वारा किसान को उसकी लागत का 60(50+10)% या ₹90000 तक का अनुदान दिया जाता है ।
आपके परिचित में या आप कृषक है और अपने खेत में जल हौज हो बनवा रहे हैं, तो आप खेत की जमाबंदी के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) से घर बैठे आवेदन करा सकते हैं।
