यह योजना विद्यार्थियों लिए है ,
योजना के तहत विद्यालय में रहने का लाभ देय
-स्रोत: राजस्थान की योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आवासीय विद्यालय योजना 1997-98 से प्रारंभ की गई थी। इस योजना का मूल उद्देश्य राज्य में अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभावान छात्र/छात्राओं एवं निष्क्रमणीय पशुपालकों तथा भिक्षावृत्ति एवं अन्य अवांछित गतिविधियों में लिप्त परिवारों के बच्चों को स्वच्छ एवं अच्छे वातावरण में कक्षा 6 से 12 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है। राज्य में 25 आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है ।
पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
राजस्थान के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग तथा निष्क्रमणीय पशुपालक, भिक्षावृत्ति एवं अवांछित वृत्तियों के लिप्त परिवारों के तथा अर्थिक पिछड़ा वर्ग के गरीब बालक / बालिकाओं के लिए ।
राजस्थान के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग के बी.पी.एल. परिवारों के बालक/बालिकाओं के प्रवेश उपरान्त शेष रिक्त स्थानों पर ऐसे परिवार जिनकी सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 8.00 लाख रू. से कम हो, आवासीय विद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं।
संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
जन आधार कार्ड
आधार कार्ड
मूल निवास प्रमाण-पत्र
आय घोषणा पत्र
जाति प्रमाण-पत्र ।
अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा की अंक तालिका (वर्ष 2019-20 में न्यूनतम 40% प्राप्तांक वाले विद्यार्थी ही आवेदन करने के पात्र हैं)
नोट - विद्यार्थी की जाति एवं अन्य विवरण की सूचना जन आधार पोर्टल के माध्यम से ली जाती है ।
आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
अपने नजदीकी अच्छे ई-मित्र से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें
योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
छात्रावासों में रहने वाले छात्र - छात्राओं को निःशुल्क आवास, पलंग, बिस्तर, बर्तन, भोजन, गर्म जर्सी, स्कूल युनिफॉर्म व अन्य सुविधाएं देय
Official URL
जानकारी के लिये देखें :- https://sjms.rajasthan.gov.in
