यह योजना किसानों के लिए है ,
योजना के तहत अधिकतम लागत का 75% लाभ देय
-स्रोत: सरकारी योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) राजस्थान में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम है, इसलिए सरकार यहां फव्वारा एवं ड्रिप सिस्टम को प्रोत्साहित करती है। जिससे सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी की एक-एक बूंद काम में ली जा सके। सरकार सूक्ष्म सिंचाई की तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 75% तक अनुदान देती है।
योजना क्या है?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना में निम्न प्रकार के संयंत्र स्थापित करने पर अनुदान देय है।
ड्रिप संयंत्र स्थापित करने पर
मिनी स्प्रिंकलर (छोटे फव्वारे) स्थापित करने का
स्प्रिंकलर (फव्वारे) स्थापित करने पर
पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
कृषक
लघु एवं सीमांत कृषक
SC/ST या महिला कृषक
संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
जन आधार कार्ड
आधार कार्ड
बैंक पासबुक की प्रति
जमाबंदी के प्रति
किसान द्वारा शपथ पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
शुल्क की रसीद
आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
नजदीकी ई-मित्र से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें
योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
लघु एवं सीमांत कृषक को लागत का 75% देय
SC/ST या महिला कृषक को लागत का 75% देय
अन्य किसानों को लागत का 70% देय
सारांश
राजस्थान में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल कम है तथा जो सिंचित भूमि है उस पर भी फसल की अंतिम सिंचाई तक पानी नहीं रहता है। किसान सिंचाई की सूक्ष्म विधियों को अपनाकर अपने अमूल्य जल की बचत कर सकता है। इससे भौम जल के गिरावट में कमी आएगी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई की सूक्ष्म सिंचाई विधियों जैसे- फव्वारा, ड्रीप संयंत्र आदि के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है। सरकार किसानों को संयंत्र स्थापित करने के लिए 75% तक अनुदान देती है।
यदि आपके परिचित में या आप एक किसान है तथा अपने खेत पर सिंचाई में सूक्ष्म सिंचाई विधि उपयोग में लेना चाहते हैं, तो अपने खेत की जमाबंदी के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) के माध्यम से अपने घर से आवेदन कराये।
