यह योजना निर्माण श्रमिकों के लिए है ,
योजना के तहत अधिकतम ₹5 लाख का ब्याज देय
-स्रोत: राजस्थान की योजनाएं
परिचय-
(खास जानकारी और लक्ष्य) व्यावसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना का उद्देश्य हिताधिकारियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके लिए सरकार द्वारा व्यावसायिक ऋण पर ब्याज का अनुदान दिया जाता है।
व्यावसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना की पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )
हिताधिकारी मंडल में पंजीकृत हो तथा निरंतर अंशदान जमा करा रहा हो।
बैंक द्वारा श्रमिक निर्माण को व्यवसायिक कार्य के लिए ऋण स्वीकृत होना आवश्यक है।
प्रतिवर्ष ब्याज चुकाये जाने का आशय प्रमाण पत्र हो।
व्यावसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना के संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )
हिताधिकारी के पंजीयन की प्रति
बैंक पासबुक की प्रति
बैंक से ऋण स्वीकृत होने का प्रमाण पत्र
ऋण पर ब्याज राशि के दिये जाने का प्रमाण पत्र
वर्तमान में किसी अन्य संस्था का ऋण बकाया न होने का घोषणा पत्र
व्यावसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना का आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?
नजदीकी ई मित्र से
emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें।
व्यावसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )
योजना के अंतर्गत पात्र हिताधिकारी के व्यवसाय हेतु वित्तीय संस्थाओं द्वारा अधिकतम 5 लाख रुपये तक स्वीकृत ऋण पर ब्याज का पुनर्भरण मण्डल द्वारा किया जाता है।
सारांश
e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) के माध्यम से अपने घर बैठे आवेदन करें ।
